10 Best Moral Stories in Hindi for class 5 | नैतिक कहानियां 2022

10 Best Moral Stories in Hindi for class 5 | नैतिक कहानियां 2022

 

10 Best Moral Stories in Hindi for class 5 | नैतिक कहानियां 2022:दोस्तों आज हम ऐसे टॉपिक पर बात करने जा रहे हैं जो हमारे नैतिक शिक्षा के साथ-साथ  जो हमारी नॉलेज को भी बढ़ाई ही ऐसे कुछ बचपन की यादें या कुछ बचपन की कहानियां

 

हम ऐसे कुछ टॉपिक पर आज बात करेंगे जिसे पढ़कर आपको अच्छा भी लगेगा और उससे आप कुछ ना कुछ जरूर सीखें गे क्योंकि दोस्तों यह जो कहानियां हैं यह कहानियां हमने केवल बचपन में सुनी थी और आज के

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टाइम में इतनी फास्ट लाइफ है इसके बाद उसकी बाद हमें यह सब ना पढ़ने आना देखने को मिलता है लेकिन फिर भी दोस्तों आप कुछ टाइम निकाल कर इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें मुझे उम्मीद है कि आप कोई आर्टिकल बहुत बहुत पसंद आएगा और अपने बचपन में ले जाएगा

 

top 10 moral stories in hindi दोस्तों इन कहानियों में नैतिक कहानियां है कोई टाइम था कि बच्चे हैं इन कहानियों को बड़े ध्यान से अवार्ड से सुनते थे और पढ़ते थे पर देखा जाए तो अब समय काफी बदल चुका है

 

लोग पर किताबों से ज्यादा आजकल ऑनलाइन पढ़ना पसंद करते हैं वह चाहे कुछ भी हो मूवी हो कहानी हो या कुछ भी हो सब ऑनलाइन देखना पसंद करते हैं

 

दसो आजकल का टाइम है और डिजिटल है डिसीजन मतलब टोटल ऑनलाइन कोई ऑफलाइन जाना नहीं पसंमेरा करता आजकल किसी को कुछ भी कुछ भी चाहिए तो खुद गूगल करता है गूगल से अपनी जरूरत की

 

चीजें देख लेता है या पढ़ लेता है कोई जमाना था कि लोग पार्क केवल किताब से यही अपनी शिक्षा लेते थे पर जमाना काफी बदल चुका है top 10 moral stories in hindi दोस्तों आज कल का टाइम स्मार्ट टाइम है यानी कि स्मार्ट जमाना

 

top 10 moral stories in hindi written नैतिक कहानियां

 

Short Moral Stories in Hindi for class 5-सोने का अंडा

 

दोस्तों दोस्तों काफी पुरानी बात है एक गांव था उस गांव में एक किसान था वह काफी पूरी स्थिति में था और उसका जो जीवन रिश्ते था उसका काफी मुश्किलों से गुजर रहा था दोस्तों उसको अपने दो टाइम के खाना

 

खाना के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती थी फिर 1 दिन से जा रहा था तो उसको एक मुर्गा मिला हो सोचा कि आज मैं इसी को काट कर खा लेता हूं मेरा आज रात का तो जुगाड़ हो जाएगा जैसे ही वह मुर्गे को काटने लगा तो मुर्गा बोला तुम मुझे मत खाओ मैं रोज तुम्हें सोने का एक अंडा दूंगा किसान को उस पर यकीन

 

नहीं हुआ पर उसने बोला कि मैं कैसे मान लूं मुर्गे ने बोला कि तुम मुझसे एक दिन देख कर देखो फिर किसान ने वैसा ही किया मुर्गी ने उसको सोने का अंडा दिया

 

और किसान को हर दिन एक सोने का अंडा देने लगा और किसान संडे को बाजार में लेकर जाता और भेज देता धीरे-धीरे उस किसान की स्थिति पूरी तरह से बदल गई और हॉट हॉट से रहने लगा 1 दिन किसान ने सोचा

 

क्यों ना मैं एक ही बार में इस मुर्गी को मार्केट के पेट में से सारे सोने के अंडा निकाल लूं और उनके सामने वैसा ही किया उसने उस मुर्गे को मार दिया और उसके हाथ कुछ भी नहीं आया मुर्गा के साथ-साथ अपना सोने का

 

अंडा भी हो चुका था इसलिए आज के टाइम में जो मिल रहा है वही सही है लालच करना बहुत बुरी बात है

 

नैतिक शिक्षा : लालच एक अभिशाप है।

 

 Moral Story in Hindi for class 5- लोमड़ी और बकरी

 

दोस्तों यह कहानी है एक चालाक लोमड़ी की एक बार की बात है जो बड़ी रात के टाइम पर एक जंगल में घूम रही थी और उसका ध्यान ऊपर की ओर था और वह अचानक से एक कुएं में गिर गई काफी कोशिश कर पर वे

 

ऊपर नहीं भाई वह पुरानी पर उसी कुएं में रहे उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था सुबह तक का इंतजार करने का और वह पूरी रात उसी कुएं में उसने बिताई जैसे ही सुबह हुई उस जगह से एक बकरी निकली और उस

 

बकरी की नजर उस कुएं में गिरी हुई लोमड़ी पर पड़ी है उसकी लोमड़ी से उसने पूछा तुम यहां कैसे गिर गई

 

लोमड़ी बड़ी चालाक थी उसने बकरी को बुद्धू और बेवकूफ बनाया उसने कहा अरे सहेली में तो इस कुएं का पानी पीने के लिए नीचे आई थी देखो तुम भी नीचे आओ और उस पानी को पानी को पियो और आपको एहसास हो

 

जाएगा कि आज तक आपने इस तरह का पानी कभी नहीं पिया होगा और उस लोमड़ी की बातों में बकरी राकेश कुछ बिना कुछ सोचे समझे उस कुएं में छलांग लगा ली उसके बाद उस बद्री ने इस कुएं का पानी पिया और

 

बोली वाक्य में बहन यह पानी बहुत ही स्वादिष्ट था उसके बाद जो भी ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रही थी तो वह भी असफल रही है और चैट नहीं पा रही थी तब उसको मैंने उसको बोला कि बहन जैसा जैसा मैं बोलती हूं वैसा वैसा तुम करो

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तुम दोनों पैर ऊंचे कर लो मैं तुम्हारे सर पर पैर रख के ऊपर चढ़ जाऊंगी वह फिर ऊपर से फिर मैं तुमको निकाल लूंगी बकरी बोली थी लोमड़ी की बातों में आती गई जैसे जैसा लोमड़ी ने कहा वैसा वैसा उसने किया

 

और नवीन अपना दिमाग लगाकर जो खुद ऊपर आ गई वह बकरी या कुएं में ही फस गई लोमड़ी बोली कि तुम एक नंबर की बुद्धू हो

 

और लोमड़ी कुएं से बाहर आकर चली गई और बकरी मन ही मन में अपने आप को कोसने लगी बस वह अपना मौत का इंतजार कर रही थी क्योंकि वह अब उसको में से बाहर नहीं आ सकती थी छुट्टी थी और ना ही वह लॉबी जैसा दिमाग उसमें था कि वह वापस ऊपर आ जाए

 

नैतिक शिक्षा : बिना सोचे समझे किसी की बात पर यकीन करके अंधेरा मैं नहीं जाना चाहिए।

 

  Hindi Story for class 5-मूर्ख लोमड़ी और ऊंट

 

दोस्तों एक बार की बात है एक जंगल में एक लोमड़ी और एक मुक्त रहते थे वह दोनों आपस में काफी अच्छे दोस्त हैं तो 1 दिन लॉबी को पता चला नदी के उस पार काफी अच्छे-अच्छे और ताजा खरबूजे हैं पर खरबूजे को

 

खाने के लिए लोभी को इस नदी को पार करना पड़ता पर नौकरी को ना तो चैन ना आता और पानी से काफी डर लगता था और नदी भी वह काफी कह रही थी

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धोनी अपने प्रिय मित्र लूट के पास गई और उसने खरबूजा के बारे में बताया कि नदी पार उस तरफ काफी अच्छे-अच्छे और ताजा खरबूजे हैं लेकिन समस्या एक बात की है कि हम नदी कैसे पार कर सकते हैं नदी पार के बगैर वह खरबूजे हमारे हाथ नहीं आएंगे

 

नबी की यह बातें सुनकर ऊंट के मुंह में भी पानी आ गया और उन खरबूजे को खाने के लिए वोट भी होता वाला हो गया उसने बोला तुम तो बहुत चालाक हो तुम थोड़ा अपना दिमाग लगाकर बताओ कि उस खरबूजे को हम कैसे खाएं

 

सॉरी नहीं उसको आईडिया दिया कि एक काम करो तुम मुझे अपनी पीठ पर बैठा लो और हम इस नदी को पार करते हैं अपने बिना सोचे समझे फिर भी सही किया और वह आसानी से नदी को पार भी कर लिया और उसका पूछेगा बहुत आनंद लिया और वह वहां पर खेत में बैठकर खरबूजा खा रहे थे

 

जैसे ही लोमड़ी का पेट भर गया हुआ चिल्लाई और किसान दौड़ता हुआ आया और उनको लकड़ी से मारने लगा हो उसको कपिल मारने के बाद तुम्हें दोनों वहां से चले गए उसने पूछा कि तुम चिल्ला क्यों थी तू लोमड़ी बोली

 

कि मैं जब भी मेरा पेट भर जाता है तो मेरे को ऐसे चिल्लाने की बचपन से आदत है उसने बोला कोई बात नहीं

 

चलो जब उसकी पीठ पर बैठ गई हूं तो बैठ गई तो नदी पर पार कर रहे थे और वह ऊंट जाने लगा लोमड़ी बोली कि तुम डर क्यों रहे हो तो उसने जवाब दिया कि जब मेरा वजन

 

भारी होने की वजह से मैं करने लगा हूं तब क्योंकि को समझ में आया और उसको अपनी गलती का एहसास हो गया और उसने ऊंट से माफी मांगने मांगी

 

नैतिक शिक्षा : हमें सब के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि हम जैसा करेंगे लोग भी हमारे साथ ऐसा ही करेंगे।

 

 Short stories for class 5 in hindi– बंदर और मगरमच्छ

 

दोस्तो एक बार की बात है एक जंगल में एक पेड़ था उसके नीचे एक छोटा सा तालाब था उस पेड़ के ऊपर काफी सारे बंदर रहते थे और उस तालाब के नीचे मगरमच्छ भी रहता था अचानक एक दिन उस मगरमच्छ की तबीयत खराब हो गई

 

फिर डॉक्टर आया और डॉक्टर ने चेक किया तो मगरमच्छ को बोला कि तुम्हारी जिंदगी केवल एक ही चीज से बस्ती वह है बंदर का दिल मगरमच्छ ने उन पेड़ों पर रहने वाले सारे बंदरों से रिक्वेस्ट करीब प्रार्थना करें कि

 

आप मेरे कोई पानी के अंदर आप आओ पर कोई भी राजी नहीं हुआ फिर लास्ट में एक काफी उम्र का यह बुड्ढा बंदर था वह बोला मैं आपके साथ चलूंगा फिर जैसे ही उसकी पीठ पर बैठा

 

तो मगरमच्छ बोला कि मैं को तुम्हारा दिल चाहिए क्योंकि मेरी जिंदगी तुम्हारे दिल से ही बच सकती है फिर वह बूढ़ा बंदर बोला अरे आपको यह बात पहले बतानी चाहिए थी मैं अपना दिल तो अपने बेड पर ही रख कर आ

 

गया मुझे तुम्हारे को दिल देने में कोई दिक्क नहीं है तुम मुझे पेड़ पर ले चलो मैं अपना दिल निकाल कर तुम्हें दे दूंगा और मगरमच्छ ने सही कियात

 

कुछ ऐसे ही हो पेड़ के पास आ गया तो वह मगरमच्छ की आंखों से ओझल हो गया और चला गया तो दोस्तों हमेशा कठिनाई में अपने होश नहीं होनी चाहिए हमेशा बुद्धि से काम लेना चाहिए उस समय बंदर ने अपने दिमाग और बुद्धि से काम लिया अपनी जान बचा पाया

 

नैतिक शिक्षा : मुश्किल वक्त ने घबराना नहीं चाहिए, हमें बंदर की तरह समझदारी से काम लेना चाहिए।

 

 Moral Stories in Hindi for class 5 with Pictures-हाथी और दर्जी 

 

एक बार की बात है दोस्तों एक गांव में एक दर्जी और एक हाथी रहते थे वह आपस में काफी अच्छे दोस्त थे जब भी यहां थी उसकी दुकान के आगे से निकलता था दर्जी उसको कुछ ना कुछ खाने को देता था पर 1 दिन ऐसा

 

हुआ कि हाथी और दर्जी की दुकान पर गया और दर्जी ने गुस्से से अपना हाथ झटका दिया जब हाथी ने अपनी सुन उसकी और पढ़ाई तो उस उनको उसने हाथी को बहुत जोर से गुस्सा आया हाथी पास के तालाब में गया और उसने पूरा सुनने के अंदर पानी भर लिया

 

और हाथी ने जून में भरा हुआ गंदा पानी उसकी दुकान में फेंक दिया था बूस्टर जी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने हाथी से

 

नैतिक शिक्षा : गूंगे जीव जंतुओं को हमें कभी भी कष्ट नहीं देना चाहिए।

 

 Short story in hindi with moral for class 5-किसान और उसकी आलसी बेटे

 

दोस्तों एक बार की बात है एक गांव में एक किस्सा उसके चार लड़के थे वह आपस में लड़ते झगड़ते रहते थे वह कभी प्यार से बात नहीं करते थे किसान इस चीज को देखकर काफी परेशान रहता था उसने काफी उन लोगों को समझाया कि प्यार से रहो प्रेम से रहो एक साथ रहो

 

लेकिन वह नहीं माने वह आपस में झगड़ते रहते थे इस चीज को देखकर किसान पड़ा चिंतित था उसने सोचा कि इनको एक करना बहुत जरूरी है क्योंकि ऐसे ही चलता रहा है तो यह कब लड़ झगड़ गए तो इनका फायदा दूसरे उठाएंगे

 

फिर किसान ने एक दिन सारी चारों लड़कों को एक साथ बुलाया और एक लकड़ी का बंडल दिया और उन सारे लड़कों को बोला कि तुम एक-एक करके इसको तोड़कर मुझे दिखाओ फिर चारों लड़कों ने प्रयास किया पर वह लकड़ी का बंडल किसी से नहीं टूटा

 

फिर उसी बंडल को किसान ने सारी लकड़ी अलग-अलग कर दी और एक एक लकड़ी चारों के हाथ में पकड़ा कर बोला कि अब इसको तुम तोड़ो किसान के  बेटे ने उस सभी लकड़ी को आराम से तोड़ दिया फिर किसान ने

 

बोला देखा एकता में ही एकता है अगर तुम ऐसे एक बनके रहोगे तो कोई भी दूसरा तुम्हारा फायदा नहीं उठा पाएगा

 

और अगर तुम ऐसे ही छ करते रहे तो तुम लोगों का फायदा दूसरे उठाएंगे और मजे लेंगे आज कल की दुनिया में बस यही चलता है लोग बाग दूसरों को लड़ा कर तमाशा देखते हैं इसलिए यह मैंने तुम को सबक सिखाने के

 

उसके बाद किसान के चारों लड़के समझ गए और उन्होंने कभी झगड़ा नहीं किया और प्यार से रहने लगे तो दोस्तों एकता में ही एकता है

 

नैतिक शिक्षा : एकता में ही ताकत है।

 

Stories in Hindi with Moral for class 5-खरगोश और उसके कई दोस्त

 

दोस्तों एक जंगल में एक खरगोश रहता था उसका कोई भी दोस्त नहीं था 1 दिन बेचारा ही था तो उसके पीछे कुत्ता पड़ गया और खरगोश वहां से अपनी जान बचा कर भाग रहा था जंगल में खरगोश आगे कुत्ता पीछे तभी उसको खरगोश को उसका पुराना मित्र बिल्ली मिली और उसने बोला कि है दोस्त तुम्हें

 

तुम मेरी इस कुत्ते से रक्षा करो यह मेरे पीछे मेरी जान का पीछे पड़ा हुआ है तभी बिल्ली बोली है मित्र मैं तुम्हारी जान तो बचा दूंगी पर अभी मैं बहुत व्यस्त हूं और मेरी बच्चे इधर उधर घूम रहे हैं मेरे को उनको हटा करके दूध पिलाना है यह कहकर वे जंगल में चली गई

 

फिर कुत्ता बोला आप कौन तुम्हारी जान बचाएगा फिर कल कुछ और भागा तभी उसको घोड़ा मिला घोड़ा से  खरगोश का दोस्त था उस खरगोश ने खोली से विनती करी की है मित्र मुझे इश्क जंगली कुत्ते से बचाओ यह

 

मेरी जान के पीछे पड़ा हुआ है तभी घोड़ा बोला मैं तुम्हारी जान तो बचा देता पर अभी मैं व्यस्त हूं मुझे और कहीं भी जाना है तुम मेरा इंतजार करो मैं वापस आऊंगा फिर इस कुत्ते से तुम्हारी जान बचा लूंगा

 

और फिर वह बोला अब तुम्हारी जान कौन बचाएगा कुत्ता वह हंसा और खरगोश और तेज होगा जब उसको एक दिल दिखाओ और वह खरगोश उस पर बिल में घुस गया और कुत्ता उस दिन मैं नहीं जा सकता था थोड़ी

 

देर इंतजार किया और फिर वह वापस चला गया इस तरह से खरगोश ने अपनी जान बचाई दोस्तों हम से हमें इससे सीख मिलती है कि पहले हमारा एक मित्र हो पर हो मतलबी ना हो हजार दोस्तों से से बढ़िया है कि एक ही दोस्त रहे वह बुरे वक्त में काम आया मारे

 

नैतिक शिक्षा : एक सच्चा दोस्त सारे झूठे दोस्तों से बेहतर है।

 

 Short Moral Story in Hindi for class 5-सेब का पेड़ और किसान 

 

दोस्तो एक बार की बात है एक छोटा सा गांव था उस गांव के अंदर एक किसान खेत किसान के खेत में एक छोटा सा सेव का पेड़ था उससे युग के पेड़ के ऊपर उस किसान का लड़का उसके साथ रोज खेलता ऊपर चढ़ता

 

नहीं सोता था या से देखते देखते समय बीतता गया और लड़की किसान का लड़का भी बड़ा हो गया और सिम का पेड़ भी धीरे-धीरे बड़ा हो गया

 

और वह पेड़ फल देने लगा और वह कभी मीठे और टेस्टी से उसमें होते थे किसान का लड़का उसको खाता था और आराम से रहता था पर थी समय जैसे-जैसे बीता गया दोस्तों वैसे वैसे उस पेड़ में फल देना बंद कर दिया

 

फिर उसके सामने सोचा कि आप यह किला पेड़ मेरे किस काम का जब यह फल नहीं दे रहा तो फिर एक दिन उसने उस पेड़ को काटने की सूची

 

और वह एक कुल्हाड़ी लेकर आया उस पेड़ को काटने के लिए उस पेड़ के अंदर काफी छोटे छोटे जीव जंतुओं का भी खर्चा और उन्होंने सभा ने उस किसान से रिक्वेस्ट करी की स्पीड को नहीं काटो पर उसके सामने एक भी

 

किसी की नहीं सुनी और उस पेड़ को काटने लगा जैसे ही उस पेड़ पर कुल्हाड़ी की मारी तो पेड़ हीरा और उस पर से मधुमक्खी का छत्ता उड़ने लगा और उसके मुंह में एक शहर का शहर गिरा

 

और किसान को अपने बचपन के पुराने दिन याद आ गए फिर उन्होंने लोगों से किसान ने वादा किया कि मैं अभी स्पीड को कभी भी नहीं करूंगा और सब खुश रहने लगे

 

नैतिक शिक्षा : प्रकृति में प्रत्येक जीवित वस्तु कुछ ना कुछ काम की है, हमें किसी भी वस्तु को नष्ट नहीं करना चाहिए।

 

 Hindi Story for class 5 with Moral-सोने के सिक्के

 

दोस्तो एक बार की बात है एक आदमी जो काफी लालची और स्वार्थी था हमेशा पैसे पैसा करता रहता था जो भी उसके घर में काम कर सकता है उसको बताना भी कम देता था और वह सभी का सभा को परेशान करता था और बहुत काम करवाता था जिस तरह से काम करवाता था उसी से अब से उसको मेहनताना भी नहीं देता था

 

पर उसने एक दिन ऐसा सबक सीखा कि उसकी पूरी जिंदगी बदल गई के घर से एक दिन एक छोटी थाली गायब हो गई जिसके अंदर 50 या 60 से सोने के सिक्के रखे हुए थे सब उस थाली को ढूंढने में लग गए उसके घर के जो भी कर्मचारी हैं वह भी उस डाली को ढूंढने में लग गए थे फिर उसी के घर के लिए नौकर की 10 साल की लड़की को वश सोने के सिक्के की थाली मिली

 

जैसे ही उसने अपने पिता को वह थाली के बारे में बताया उस आदमी ने अपने मालिक को भी पास गया और थाली उसको लौटा दी उसके मालिक ने उससे पूछा इसमें तो और सिक्के थे यह तो मुझे 50 ही क्यों दे रहे हो यह बात पढ़ते-पढ़ते कोर्ट तक बात पहुंच गई थी जज ने दोनों की बात सुनी और यह निर्णय लिया कि

 

लास्ट में जाट ने निर्णय लिया कि अगर थाली मिली तो उसके अंदर जितने सिक्के लौट आए हैं उतने ही सिक्के होंगे उससे ज्यादा सिक्के नहीं होंगे और जज ने लास्ट में बोला कि नाव के तौर पर इस थाली में जीते इस इंसान को दे दिया जाए इसके इमानदारी के कारण चाहता तो 1 तारीख को वापस नहीं करता पर इसकी इमानदारी इतनी सीखी उसने अपने मालिक को वापस लौटा दिया

 

नैतिक शिक्षा : ईमानदारी हमेशा पुरस्कृत किया जाएगा,और लालच को दंडित किया जाएगा।

 

 Moral Stories in Hindi for class 5- बगीचे में अजनबी

 

दोस्तो एक बार की बात है एक माली जो अपने बगीचे और पेड़-पौधों से बहुत प्यार करता था वह अपनी फिल्मों से काफी फलों के पेड़ लगे हुए थे और तू चाहता था कि मैं बिल्कुल को बेचकर अपना घर बनाऊं और वह बगीचे का काफी ध्यान रखता था

 

एक एक बार की बात है उसके बच्चे को भूख लगी तो अपने बच्चों के लिए बगीचे में गया उसने सोचा मैं ताजे फल लेकर आऊंगा और फिर आऊंगा तुझे बगीचे में जैसे ही गया उसने एक अजनबी इंसान को देखा वहां पर फल खाते हुए माली बहुत गुस्सा होगा

 

और उस अजनबी इंसान को देखकर चिल्लाने लगा वह बोला है तुम इस खेत में कैसे खुश करे यह बगीचा मेरा है यहां पर फल खाने से पहले तुम्हें मेरी अनुमति लेनी चाहिए अभी उस अजनबी इंसान ने उसकी तरफ देखा और कोई जवाब नहीं दिया पेड़ की ढाणी पर बैठकर वह फल खाता रहा

 

श्रीमाली को और ज्यादा गुस्सा आया और उसने भी इंसान को उसने बोला तुमको नहीं चाहती इसका जवाब देना पड़ेगा फिर वह अजनबी इंसान नीचे आया और उसने माली से बोला कि यह तो भगवान का है सारा फल फ्रूट पेड़ पौधे यह तो सब भगवान की देन है

 

तम्माली बोला नहीं मैं इसमें बहुत मेहनत करता हूं और बहुत ईमानदारी से काम करता हूं तुम्हें अगर यहां से फल खाने दे तो तुम्हें मुझे एक बार में अनुमति लेनी चाहिए थी पर उसने उचित नहीं समझा और माली ने गुस्से में उसको पेड़ से बांध दिया

 

और उस को पीटने लगा तभी वो जरा भी इंसान को अपनी गलती का एहसास हुआ उसने बोला मुझे माफ कर दो तुम मुझे मारो मत मैं तुम्हें से माफी मांगता हूं और आज के बाद मैं कभी बिना अनुमति के किसी के खेत में बगीचे में नहीं करूंगा और यह सुनकर माली ने उसको छोड़ दिया

 

नैतिक शिक्षा : भगवान के नाम देखकर कुछ गलत काम नहीं करना चाहिए

दोस्तों उम्मीद करता हु की आपको कहानी पसंद आई होगी दोस्तों अशी ही कहानी और लेकर आउगा आप के लिए

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