akbar birbal 1

 

akbar birbal stories in hindi

 

 

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akbar birbal अकबर और बीरबल के किस्से तो कौन नहीं जनता इन दोनों की दोस्ती एक मिसाल है लोग बीरबल की तारीफ करते हुवे नहीं थकते थे और बीरबल की फरीफ सुनते हुवे अख़बार को बहुत ख़ुशी होती थी

akbar birbal
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एक बार की बात है कि बीरबल को एक राजा ने खाने पर बुलाया ये सुन कर अबकर बोले बीरबल से बीरबल तुम्हारे एक और मित्रो की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया ये सुनकर बीरबल बोला महराज है मेको भी उन के सात रहना अच्छा लगता हे वो एक समझदार महारजा हे तो अख़बार बोले लगता हे की तुमको भी अच्छा लगता हे क्या तुम को लगता हे की वो मुझसे भी अच्छे महाराजा मानते हो तो बीरबल बोला की महाराज मेने ये बोला की वो एक अच्छे महाराज हे नाकि किसी से तुलना की 

akbar birbal ki kahani

सभी अखबार बोले ऐसा है तो तुम ने मरी उन से तुलना क्यों नहीं की या तुम ये मानते हो की हम एक अच्छे महाराज नहीं हे या फिर वो हम से अच्छे हे तभी अकबर ने अपने सेना पति से पूछा की आप बातये की हम अच्छे राजा नहीं हे या हमारे राज्य में कोई समस्या हे और वो हम उस समस्या का हल नहीं करते तभी सेना पति बोला नहीं महाराज हमारा राज्य सब से सुखी राज्ये हे 

akbar birbal
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सेना पति बोला महाराज मेने बहोत राज्य देखे हैं पर आप के जैसा खुस और सुखी राज्य नहीं देखा महाराज आप के राज्य में सब खुश हे और सब का इंसाफ एक सामान करते हो और आप आप के राज्य के लोगो से ज्यादा लगन भी नहीं लेते हो और तो और आप गरीबो का पूरा दियन भी रखते हो जो आप के राज्य में अपने आप को मेफुश और भागयशाली मानते हे 

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महाराज हमारी सेना एक दम सकती साली हे हमारी सेना किसी से भी नहीं डरती हे और हर सिपाई आप की बहोत इज्जत करते हे वो भी दिल से महाराज ये सब सुन कर अख़बार बोले बीरबल तुम कुछ नहीं बोलेबीरबल बोला महराज में ये नहीं कर रहा हु की आप एक अच्छे राजा नहीं हो या में आप की तुलना किसी और के राज्य के राजा से आप की तुलना कर रहा हु तभी सेना पति बोला बीरबल तुम ऐसे महाराज की बेजती नहीं कर सकते हो एक तुम ही हो जो सब से अलग बोलते हो और कोई भी राज्य अलग नहीं बोलता हे तुम्हारे सिवा 

  महाराज बोले की तुम को नहीं लगता की कुशल राज्य हे तो बीरबल बोला की महाराज आप एक अच्छे राजा हे पर सब से अच्छे नहीं बीरबल बोला की महाराज सब में कोई ना कोई कमी होती हे सब इंसान में कमी होती हे ऊपर वाले ने हम को ऐसे ही बनाया हे उस समय सभा में से एक जना बोला की बीरबल तुम महाराज की इस तरा से सब के सामने पूरी सभा में अपमान नहीं कर सकते हो 

akbar birbal
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अकबर बोले की बीरबल तुम ये मानते हो की हमारा राज्य एक अच्छा कुशल राज्य नहीं हे महाराज बोले की तुम ने हमारी बजती की हे बीरबल निकल जाओ या से तो बीरबल बोला समां करे महाराज मेरा मतलब ये नहीं था और ना ही आप को दुःख देना में बस ये बोल रहा हु की कोई भी इंसान सपुण्ड नहीं होते सब में कोई ना कोई कमी होती हे तो सेनापति बोला की तुम्हारी हिम्मत की तुम महाराज को बेतर होने की सला दो 

और वहां से बीरबल चला गया फिर दूसरे दिन महाराज को अपनी गलती का अंदाज हुवा और राजा अकबर समजakbar birbal गये की बीरबल उन से क्या कहना चाहता था और उनो ने सिपाई को बुलाया और बोले की जाओ बिलबाल को लेकर आओ और सिपाई गया पर बीरबल घर पर नहीं मिला राजा ने बोला उन के नौकर से पूछो की बीरबल कहा गया हे पर किसी को नहीं पता था की बीरबल कहा पर हे

akbar birbal
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चार महीने हो गये पर बीरबल का कहीं भी पता नहीं चला राजा अपने दोस्त की कमी मासूस करने लगे राजा बहोत ही दुखी रहने लगे बीरबल की कमी उन को हर पल कमी मासूस रहती वो बीरबल के बारे में सोचते रहते थे महाराज अपनी गलती सोच कर दुःख रहते थेakbar birbal और एक सैनिक बोला महाराज क्यों ना हम अपना जासूस को बेज कर पता करे की कहा हे बीरबल

 अकबर बोले नहीं उस को हम खुद लेने जाएंगे बीरबल को हम ने चोट पोचाई हे पर उस को हम ढूढे कहा पर बीरबल के बहोत सारे  राजा महाराजा दोस्त हे वो उन ही किसी के सात होगा राजा ने दिमाग लगया की हम सब राजा को बुलगे एक ऐसा निमंत दे गे जो कीakbar birbal बस बीरबल ही समज सकता हे और कोई नहीं जिस राजा के या से इस का जवाब आयेगा वो वही होगा 

और फिर महाराज ने एक ऐसा निमंत दिया जो की बीरबल ही उस का जवाब दे सकता था और राजा ने सब को निमन्त दिया पर किसी को वो संदेस समज नहीं आया और किसी भी राजा ने जवाब नहीं दिया पर एक राजा ने उस का जवाब दिया तो महाराज समज गए कीakbar birbal इस का जवाब तो बीरबल ही दे सकता हे और राजा इराक के लिये रवाना हुवे और दोनों दोस्त एक बार फिर मिल गये और राजा ने मिलकर बीरबल से समां मागि और बीरबल को महाराजा अपने राज्य वापस लेकर अये 

और फिर उस राज्य में एक बार फिर से खुशी आगयी अकबर बोले मैरे दोस्त मेको माफ़ कर दे बीरबल बोला की महाराज आप   मको सर्मिन्दा ना करे माफ़ी मांग कर और फिर दोनों दोस्त सात में रहने लगे