Biography History of Maharishi Valmiki

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Biography History of Maharishi Valmiki,full story about life of valmiki ji

 

Biography History of Maharishi Valmiki-महर्षि वाल्मीकि का जीवन कथा जीवनी इतिहास

 

Biography History of Maharishi Valmiki

का जीवन कथा जीवनी इतिहास आदमी की अगर इच्छा शक्ति मजबूत हो और वो ये सोचले की मेको बदलना है ऐसा ही एक महा पुरुष थे महर्षि वाल्मीकि जीनोने रामयण  लिखी थी क्या आप लोगो को पता है की वाल्मीकि पहले कोन थे वो एक डाकू थे ये जान कर आप को आश्चर्य हो रहा होगा जो इंसान रामयण लिख सकता है वो डाकू कैसे हो सकता हैBiography History of Maharishi Valmiki आप को हम आज हमारी hindikahaniy. com के माध्यम के जरिये वाल्मीकि की जीवन कथा बातयेगे   उन के साथ एक हादसा हुआ था उस के बाद उनोने के बाद उनोने अपने आप को बदने का फेशला क्या  आप को हम पूरा सच बताते हे 

 

 

full story about life of valmiki ji-वाल्मीकि जी के जीवन के बारे में पूरी कहानी 

उन का पूरा नाम महर्षि वाल्मीकि है और उन के पिता का नाम प्रचेता था वसे उन का वातविक नाम रत्नकर है

Who was Valmiki-वाल्मीकि कौन थे?

महर्षि वाल्मीकि का पालन पोषण आदिवासी परिवार में हुवा था पर वो आदिवासी नहीं थे उन को पचपन में एक आदिवसी परिवार ने उन को चुरा लिया थाBiography History of Maharishi Valmiki उनोने ही महर्षि वाल्मीकि जी को डाकू बनया था सही में तो वो एक ब्रह्मा परिवार से थे वाल्मीकि को ऋषियों का एक महत्पूण स्थान  मिला हुवा है वाल्मीकि जी रामयण लिखने के साथ  में वो एक अच्छे कवी भी है 

Where did I get the knowledge of writing Ramayana?-रामायण लिखने का ज्ञान कहां से मिला

जब वाल्मीकि जी को अपने पापों का पछतावा हुआ तो उनोने सही रस्ते पर चलने का निर्णय लिया पर उन को सही काम या सही मार्ग का कोई अंदाजा नहीं थाBiography History of Maharishi Valmiki वो पूरी तरा से परेशां थे फिर उनोने सोचा की उन की सही मार्ग दिखने में बस एक जना मदत कर सकता है वो है नारदमुनि और वो उन के पास गए और उन से सला मागि तो उनोने उन को बस एक ही सला दी की आप राम राम का नाम लो और उस के बाद उनोने राम का नाम जपना शुरू

 

 क्या उनोने राम जी का नाम इतना मन से क्या की उन के शरीर पर पूरी तरा चींटी लग गयी थी और ये सब देख कर  ब्रह्मा जी उन से बहुत पर्सन हुवे उनोने वाल्मीकि जी को रामयण लिखने का ज्ञान दिया और फिर महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण लिखी सस्कृत में 

How did Maharishi Valmiki’s life change-महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन कैसा चेन्ज हुवा? 

महर्षि वाल्मीकि का सही में नाम तो रत्नाकर था पहले वो डाका डालते थे उन का बचपन एक आदिवासी परिवर में निकला उनोने वो ही सीखा जो की उनBiography History of Maharishi Valmiki को बचपन में सीखा गया था सही में वो आदिवासी नहीं थे उन को चुरा कर एक आदमी लेकर आ गया वेशे तो वो एक ब्रामण थे वो जंगल में आने जाने वालो को लूट कर अपने परिवार

 

 का पेट पालते थे बहुत सी बार तो उन जंगल में से जाने वालो को मरना भी पड़ता था एक पर की बात है की उस जंगल में से नारद जी जा रहे थे तो उन को वाल्मीकि जी ने नारद जी को पकड़ लिया और उन को एक पेड़ से

 भंदिया और उन को लूट ने लगे तभी नारद जी ने वनमिकी से एक सावल पूछा की तुम ये सब क्यों कर रहे हो तो वाल्मीकि जी बोले ये सब में अपने परिवार के लिए करता हु तो नारद जी ने उन से एक सावल क्या की की ये

 

 सब तुम अपने परिवार के लिए कर रहे हो क्या वो लोग तुमरे इस गलत काम में तुम्हारे साथ है वाल्किमी जी बोले है बिलकुल जितना में उन के लिए करता हु उतनाBiography History of Maharishi Valmiki ही वो मेरे लिए करते है नारद जी बोले अगर ऐसा हुवा तो में

 

 हमको अपना सरा धन दोलत सब आप को देदुगा और नारद जी और वाल्मीकि जी उनके परिवार के पास गए और पूछा तो किसी ने कुछ भी नहीं बोले तब उन के मुँह से बस एक शब्द निकला में तो मारा मारा बाद में उन के मुह राम राम निकल गया इस राम के शब्द में वो मगन हो गए और उनोने

 

 इस तरा की तपस्या की उन का नाम वाल्मीकि पडा इस राम शब्दइतना गहरा असर हुवा की उनोने बुरे काम को छोड़ने का फैसला कर लिया उस के बाद कई Biography History of Maharishi Valmikiसालो तक उनोने तपस्या की और उस के बाद वो एक महान कवी बने और उन्होंने रामायण की रचना की 

Why was Valmiki stolen-वाल्मीकि जी को क्यों चुराया था ?

एक आदिवासी परिवार जिस को कोई संतान नहीं थी उन्होंने वाल्मीकि।रत्नकार को चुराया था लेकिन उस परिवार ने रत्नकार का अच्छे से पालन पोषण क्या था वो आदिवासी अपने परिवार को पलने के लिए जंगल में जाने वाले वो लूट कर अपना परी वॉर का पोषण करते है 

vaalmeeki jee ke shlok rachana-वाल्मीकि जी के श्लोक रचना ?

एक बार वाल्मीकि जी गंगा के घाट पर उन्होंने देखा की घाट पर दो पक्षी एक पेड़ पर बैठा थे उन में एक मादा थी और एक नर था उस समय एक सीकरी आया और मादा को मर दिया उसी समय बाल्मीकि जी के मुँह से

 

 एक श्लोक  निकला जिस का मतलब ये था की जिस ने भी ये गलत काम क्या है वो जिन्दगी में कभी भी खुश नहीं रहे गए और ना ही उस को भी अपनी जिन्दगी में शांति मिलगी वो जिन्दगी भार दुखी रहे गा और फिर उन्होने रामयण लिखी महर्षि वाल्मीकि जी ने

 How did Maharishi Valmiki get the suggestion to write Ramayana-महर्षि वाल्मीकि जी को रामायण लिखने का सुझाव कैसे मिला?

 

महर्षि वाल्मीकि जी को रामायण लिखने का सुझाव तीन लोग के देवता ब्रह्मा जी ने दिया था उस के बाद वाल्मीकि जी ने रामायण सस्कृत में लिखी थी  वाल्मीकि जी ने रामायण में 23000 श्लोक का लिखे थे वाल्मीकि जी ने ये बतया की भगवान राम विष्णु के अवतार है 

Birth of Valmiki-वाल्मीकि का जन्म ?

क्या आप लोगों को पता है कि वाल्मीकि जी का जन्म कब हुआ था हम आप को बताते है महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म पूर्णिमा को हुआ था हम अगर 2021 की बात करे तो 31 अक्टूबर को मनाई गई थी 

who were in their family-उन के परिवार में कौन कौन थे ?

महर्षि वाल्मीकि जी के परिवार में उनके माता पिता थे उन के माँ का नाम चर्षणी था और पिताजी का नाम वरुण था वो एक ब्रामण परिवार से थे लेकिन उन को बचपन में एक आदिवासी परिवार ने चुरा लिया था उन की परवरिश एक आदिवासी  परिवार में हुई थी लेकिन वो एक ब्रामण थे और उन के नौ भाई बहन थे 

 

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दोस्तों आपको ये कहानी कैसी लगी उम्मीद करता हु की आप को ये लेख अच्छा लगा होगा और आगे भी इस तरा की कहानी लायगे 

 

 

 

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