क्या आप भी हैं बेरोजगार? तो ये आर्टिकल जरूर पढ़िए। जानिये आप किस तरह के बेरोजगार इंसान है।

दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे के बेरोजगारी क्या है ? और बेरोजगारी कितने प्रकार के होते हैं ? तो आइये दोस्तों हम आपको बताते है की बेरोजगारी क्या है ? बेरोजगारी उस स्थिति को कहते हैं, जब कोई व्यक्ति नौकरी करने के लायक होते हुए भी कोई उस व्यक्ति को नौकरी देने में असमर्थ हो जाता है। हाल ही में कोरोना वायरस के कारन कई लोग बेरोजगार हो गएँ। तो आइये अब हम जानते हैं की बेरोजगारी कितने प्रकार के होते हैं।

Berojgari ke parkaar

चक्रीय बेरोजगारी। 

इस तरह की बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की गिरावट के कारण होती है, जब मार्केट में प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई घट जाती  है, जैसा की कोरोना वायरस के कारन लौक्डोन में प्रोडक्ट की विक्री बहुत  ही ज्यादा गिर गयी, जिसचक्रीय बेरोजगारी :- इस तरह की बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की गिरावट के कारण होती है, जब मार्केट में प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई घट जाती है, जैसा की कोरोना वायरस के कारन लौक्डोन में प्रोडक्ट की विक्री बहुत ही ज्यादा गिर गयी, जिसके कारन कई फैक्ट्री, इंडस्ट्री, छोटे से छोटे तथा बड़े से बड़े बिज़नेस पूरी तरह बंद हो गए।

अस्थायी बेरोज़गारी। इस तरह के बेरोज़गारी अक्सर जब कोई नयी कंपनी या इंडस्ट्री किसी पुरानी कंपनी से बढियाँ होती है तब लोग पहले से बढियाँ नौकरी की चाह में अपनी पुरानी नौकरी को छोड़ देते हैं, जब लोग अपनी नौकरी से संतुस्ट नहीं होते हैं और वे अच्छी नौकरी की तलाश करने लगते हैं।

ऋतुकालीन बेरोज़गारी। 

इस तरह की बेरोजगारी कुछ समय काल के लिए होती है जब काम का दबाव बहुत कम हो जाती है तथा मार्केट में प्रोडक्ट की बिक्री कुछ समय की लिए ही होती है तब लोग जानकार होने के बावजूद बेरोजगार रहते हैं उदहारण के तौर पर तयोहार के समय, तथा खेती में फसल काटने के बाद से लेकर अगले फसल के लगाने से पहले तक के समय काल तक।

शिक्षित बेरोजगारी। 

इस तरह की बेरोजगारी अक्सर शहरी इलाकों में होती है, जब लोग पढ़े लिखे होने के बावजूद नौकरी तलाश नहीं कर पाते हैं। यानी सच कहूं तो ऐसे इंसान के पास सिर्फ डिग्री होती है उनके पास स्किल नहीं होती है और जिसके कारन वे पढ़े – लिखे होने के बावजूद भी बेरोजगार ही रहते हैं। 

अधीन (प्रच्छन्न) बेरोजगारी। 

जब कोई हुनर मंद काबिल इंसान अपने काबिलयत के लिहाज़ से कम दर्जे वाले पद पर काम करता है बल्कि उसकी काबिलयत उससे ऊपर दर्जे तक की होती है उदाहरण के लिए एक इंजीनियर कलर्क की पद पर कार्य करता है।के कारन कई फैक्ट्री, इंडस्ट्री, छोटे से छोटे तथा बड़े से बड़े बिज़नेस पूरी तरह बंद हो गए।

अस्थायी बेरोज़गारी। 

इस तरह के बेरोज़गारी अक्सर जब कोई नयी कंपनी या इंडस्ट्री किसी पुरानी कंपनी से बढियाँ होती है तब लोग पहले से बढियाँ नौकरीकी चाह में अपनी पुरानी नौकरी को छोड़ देते हैं, जब लोग अपनी नौकरी से संतुस्ट नहीं होते हैं और वे अच्छी नौकरी की तलाश करने लगते हैं।

खुली बेरोजगारी। 

इस तरह की बेरोजगारी तब होती है जब लोग शिक्षित भी होते हैं उनके पास कौशल भी होता है, और वे काम करने के इच्छुक भी होते हैं, पर  फिर भी उनको नौकरी नहीं मिलती है। इसका सबसे बड़ा कारन होता है हमारा सरकार। या फिर एक ऐसे आपातकालीन सिचुएशन जिसमे इंसान उस चीज़ के लिए पहले से तैयार नहीं होता है, जैसे की कोरोना वायरस, कोरोना वायरस के कारन लोगो के पास स्किल और नॉलेज दोनों होते हुए भी बेरोजगार थें। 

ऋतुकालीन बेरोज़गारी। 

इस तरह की बेरोजगारी कुछ समय काल के लिए होती है जब काम का दबाव बहुत कम हो जाती है तथा मार्केट में प्रोडक्ट की बिक्री कुछ समय की लिए ही होती है तब लोग जानकार होने के बावजूद बेरोजगार रहते हैं उदहारण के तौर पर तयोहार के समय, तथा खेती में फसल काटने के बाद से लेकर अगले फसल के लगाने से पहले तक के समय काल तक।

अशिक्षित बेरोजगारी। 

इस तरह की बेरोजगारी अक्सर छोटे या वैसे जगह पर होती है, जहाँ पर अर्थव्यवस्था ठीक नहीं होती है। वे लोग गरीबी या कोई और अन्य कारन से अपनी पढाई पूरी नहीं कर पाते हैं। जिससे की उन्हें समाज में कई जगह पर नौकरी मिलने में उन्हें बहुत ज्यादा परेशानी होती है। वे कोई अच्छी नौकरी के हकदार नहीं माने जाते हैं। उन्हें अक्सर छोटे काम मिलते हैं। 

अधीन (प्रच्छन्न) बेरोजगारी। 

जब कोई हुनर मंद काबिल इंसान अपने काबिलयत के लिहाज़ से कम दर्जे वाले पद पर काम करता है बल्कि उसकी काबिलयत उससे ऊपर दर्जे तक की होती है उदाहरण के लिए एक इंजीनियर कलर्क की पद पर कार्य  करता है।

विकलांग बेरोजगारी। 

कई लोग शारीरिक रूप से अच्छे नहीं होते हैं। जिसके कारन वे कई सारे काम नहीं कर पाते हैं जो एक आम इंसान के लिए करना बहुत ही ज्यादा आसान है। ऐसे लोगो के लिए कहीं आना जाना बहुत तकलीफों से भरी रहती हैं।  और ये कई काम करने में भी असमर्थ होते हैं। ऐसा नहीं है की ये किसी काम में एक्सपर्ट नहीं होते हैं पर दरअसल इन्हे जल्दी कहीं आसानी से काम मिलता नहीं है। इसके लिए हमारे सरकार को जरूर कुछ करना चाहिए जिससे एक विकलांग इंसान अपने योग्यता और काबिलियत के अनुसार काम कर सके। 

अमीरी की बेरोजगार। 

दोस्तों अक्सर कई लोग बहुत ही ज्यादा पैसे वाले होते हैं। और वो इतने पैसे वाले होते है की वे सारी जिंदगी बिना कुछ काम किये हुए ऐसो आराम की जिंदगी गुजारते हैं क्यूंकि इन्हे पैसे कमाने की कोई मजबूरी नहीं होते हैं। ऐसे इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से सछम होते हुए भी अपने बाप – माई की धन दौलत पर ऐस करते हैं ऐसा ज्यादातर अमीरो लोग में ही देखा जाता है। 

चाहत से बेरोजगार। 

दोस्तों कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ना तो आमिर होते हैं और ना ही गरीब और ना ही वे अपाहिज होते है। पर फिर भी उन्हें सामाजिक जीवन में उन्हें उतना दिलचस्प नहीं होता है बल्कि वे अलग ही जिंदगी चुनते हैं वो कहीं से भी खाना का प्रबंधन कर के बस अपना पेट भर लेते हैं। ऐसे ही एक बहुत ही फेमस एक्साम्प्ले है एक स्टूडेंट अपनी पढाई छोड़ – छाड़ कर एक ट्रैवलर की जिंदगी चुनता है। उसके लिए आप ईंटो द वाइल्ड मूवी देख सकते हैं।  

दोस्तों बेरजोगरी के कई कारन होते हैं और उनके कई प्रकार होते हैं। जैसे कोई इंसान अपनी मर्जी से बेरोजगार होता है तो कई मज़बूरी से आप भी अगर बेरोगार हैं तो हमने जरूर बताएं की आप क़िस्त तरह के बेरोजगार है और आपको ये कंटेंट कैसे लगा, आप हमें comment करके जरूर बताइये।