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mahabharat ke rachyita kaun hai

आप लोगो को ये तो पता ही है की रामयण किस ने लिखी हे और क्यों लिखी हे दोनों रामायण और महाभारत दोनों ही एक महान ऋषि थे रामायण को

लिखने वाले ऋषि का नाम था बाल्मीक ने की थी दोस्तों रामयण सस्कृत में लिखी गयी थी उस का हिंदी अनुवाद तुलसी दास  जी ने क्या था  

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पर हम बात करेंगे की mahabharat ke rachyita kaun hai ऋषिवर दोस्तों mahabharat को को लिखने वाले थे ऋषि वर देव व्यास  थे इस में उन्होने mahabharat   के युथ के बारे में लिखा की कैसे ही एक घर के लोगो में यूथ हुवा और इस में कौन जिता और कौन हारा

 mahabharat story in hindi

दोस्तों पहले आया सतयुग जिस में अच्छी और बुरीmahabharat ke rachyita kaun hai सकती अलग अलग सकती या लोग में रहती हे दोस्तों इस को हम देव लोग और असुर भी कहते हे 

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फिर आया तीर्त्य  लोग दोस्तों उस में अच्छी और बुरी सकती एक सात ही रहती हे उस को हम तीर्त्य सकती कहते हे उस के बाद आया दुवापर युग इस मेंmahabharat ke rachyita kaun hai बुरी सकती और अच्छी सकती एक ही घर में रहती थी उस क्र बाद आया कलयुग उस में बुरी आदत और अच्छी आदत एक ही इंसान में रहती थी 

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आज में आप को महाभारत की वो बात बताऊंगा आप ने सायद ही सुनी होगी महाभारत मतलब महाज्ञान भी मिला था इस में हम को श्री कृष्णा ज्ञान ये वो ज्ञान था जोकि श्री कृष्णा में अपने सब से प्रिये मित्र अर्जुन को दिया था ये वही ज्ञान हे जिसmahabharat ke rachyita kaun hai हम सब गीता ज्ञान कहते हे एक बात क्या आप को पता हे की ये हम हिन्दू ही नहीं इस ज्ञान को दूसरे दर्म के लोग भी मानते हे 

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दोस्तों आप को ये तो पता ही है की महाभारत का युद कौरव और पांडव के बिच हुवा थाऔर ये युद पुरे 18 दिन चला था इस युद में रोज लोखो सिपाई मारे जाते थे कहा जाता हे की इस युद से मरने वाले जो सिपाही थे उन के शरीर से बेने वाले खून से पूरीmahabharat ke rachyita kaun hai युद भूमि लाल हो गई थी पांडव की माता शादी से पहले अपने महल में उनोने ऋषि दुर्वासा की खूब पूजा की थी और वो इस से बहोत प्रश्न थे और पांडव की माँ कुंती को वरदान दिया था की तुम को सब देव् पुत्र होंगे ये बोल कर वो वह से चले गये 

और उस के बाद उन को पुत्र की प्राप्ति हुई और उस का नाम था कारन वो सादी नहीं होने के कारण कारन को एक टोकरी में लिटा कर पानी में बहादिया और वो एक सूत पारी वॉर को मिला कारन एक राजा होने के बाद भी वो एक सूत पुत्र केलाय जाते थे कारनmahabharat ke rachyita kaun hai की माँ कुंती की सादी पाण्डु से हुवा भीम यूडिस्ट्र और अर्जुन जैसी एक महान पुत्र हुवे और पाण्डु की दूसरी बीबी से उन को दो संतान हुई भीष्म पिता माँ बुजर्ग और सकती साली थे उन का कहना सब माना करते थे औरवो और पांडवो को शिक्षा दित्र चार ने दी थी 

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mahabart  महाभारत की सब से हेहम  बात गुरु दुरुड के सब से प्रिये शिष्य अर्जुन थे वो पुरे दुनिया का सब से अच्छा देनु दरि बनाना चाहते थे और अर्जुन को सब से सकती साली युदा भी बनाना चहते थे पर ये ना होसका कुन्ती का पुत्र कारण अर्जुन से भी अच्छे थनु दारी था कारण ने अर्जुन को युद्ध के लिये बोला पर अर्जुन ने ये केहेकर मना कर दिया की तुम सूत पुत्र हो और एक युद्धा राजा सूत्र से कैसे लड़सकता हे 

कर्ण और दुर्योधन की दोस्ती 

दुर्योधन जानता था कि उसे एक वरदान मिला है कि वह युद्ध में किसी से हार नहीं सकता है, इसलिए दुर्योधन ने एक चाल चली और कर्ण को एक सूत्राmahabharat ke rachyita kaun haiपुत्र बनाकर राजा बना दिया गया और उसी समय कर्ण ने शपथ ली कि वह दुर्योधन मरते दम सात देगा 

भीष्म पितामह आखिरी समय में कुछ बातें बताते हुए

1 . कोई इंसान कितना भी और किता भी बेकार बोले पर उस को कभी पलट कर जवब नहीं देना 

2.  आप अगर मार खरे हो तो आप सन्त रहे 

3. आप के पास कोई लचार और बेबस हो उस की मदत करना 

4 . कभी दुसरो को खुश देख कर जलने की भावना नहीं होनी चाहिये 

5 . कभी किसी भी इंसान को आलस नहीं करना चहिये दिन में सोना भी नहीं चहिये

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श्री कृष्ण और अर्जुन

पांडव जब वनवास काटके अपना महल गये और उनोने अपना राजपाट मांगा तो दुर्योधन देने से मना करे दिया तब श्री कृष्णा ने युद का ऐलान कर दिया mahabharat ke rachyita kaun hai उस समय अर्जुन निराश थे श्री कृष्णा बोले क्या हुवा अर्जुन वो बोले जिस से में यूथ करने जा रहा हु वो और कोई नहीं बल्कि वो सब मेरे अपने हे तब अर्जुन को श्री कृष्णा ने अपने असली रूप में आकर अर्जुन को ज्ञान दिया वो ही ज्ञान जिसे हम सब गीता ज्ञान के नाम से जानते हे जिस से पांडव की जीत हुई और कौरव की हर वो क्या ज्ञान हे सच का ज्ञान झूठ ज्ञान 

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पूरे 18 दिन में कौन और किस ने मारा 

 

 

युद्ध के तेरवा दी अभिमन्यु  को मारा अभिमन्यु मरते मरते वीर युद्ध केलाया 14 दिन अर्जुन ने जागृत को मिर्तु दंड दिया युद्ध के 15 मोत मिली

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 16 दिन भीम ने दुशासन को मार कर उस के खूनmahabharat ke rachyita kaun hai से द्रोपती के बाल दोए 17 दिन सकुनी मामा को मारा इस युद्ध भीम ने कौरव के 99 भाई यो को मार दिया था और लास्ट में 18 दिन भीम ने दुर्योदन को मार दिया 

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