Top 10 Moral Stories In Hindi

Top 10 Moral Stories In Hindi दोस्तों कहानियां ऐसी चीज़ होती है जिससे हमें बहुत कुछ सिखने को मिलती है इसलिए आज हम आपके लिए top 10 moral stories in hindi में लेकर आये है, इन 10 कहानियो से आपको अलग – अलग बाते सिखने को मिलेगी, जिससे आपको जिंदगी को देखने का एक अलग नजरिया मिलेगा। 

तितली का संघर्ष। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक बार एक आदमी को अपने बगीचे में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का एक कोकून  दिखाई पड़ा, हर रोज वो आदमी उसे देखने लगा, एक दिन उसने देखा की कोकून में एक छोटा सा छेद बन गया है। उस दिन वो वही बैठ गया और घंटो उस कोकून को देखता रहा। 

उसने पाया की तितली उस खोल से बाहर निकलने के लिए बहुत कोसिस कर रही है, पर बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी वो उस छेद से बाहर नहीं निकल पा रही थी। और फिर वो बिलकुल शांत हो गयी मानो उसने हार मान ली हो। 

उस आदमी ने निश्चय किया की वो उस तितली की मदद करेगा, उसने एक कैंची उठायी और कोकून की छेद को इतना बड़ा कर दिया की वो तितली आसानी से बाहर नील सके, और यही हुआ वह तितली बिना किसी और संघर्ष के आसानी से बाहर निकल आई, परन्तु उसका शरीर सुजा हुआ था, और पंख सूखे हुए थे। 

वो आदमी तितली को यह सोच कर देखता रहा की वो किसी भी वक़्त अपने पंख फैला कर उड़ने लगेगी, पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, परन्तु उसके विपरीत बेचारी तितली कभी उड़ नहीं पायी और उसे अपनी बाकी की जिंदगी इधर – उधर घिसिटते हुए बितानी पड़ी। 

वो आदमी दया और जल्दीबाजी में ये समझ नहीं पाया की दरअसल कोकून से निकलने के प्रक्रिया को प्रकृति ने इतना काठी इसलिए बनाया है ताकि ऐसा करने से तितली के शरीर में मौजूद तरल उसके पंखो में पहुँच सके और वो छेद से बाहर निकलते ही उड़ सके। 

वास्तव में कभी – कभी हमारे जीवन में संघर्ष ही वो चीज़ होती है जिसकी हमें सच – मुच आवश्यकता होती है, यदि हम बिना किसी संघर्ष और मेहनत के सब कुछ पाने लगे तो हम भी एक अपांग के सामन हो जायेंगे, बिना परिश्रम और संघर्ष के हम कभी उतने मजबूत नहीं बन सकते जितनी हमारी छमता है, इसलिए जीवन में आने वाले कठिन पलों को सकारत्म दृष्टिकोण से देखिये वो आपको कुछ ऐसा सिखा जायेंगे जो आपको जिंदगी की उड़ान को सफल बना देगी। 

आप हाथी नहीं इंसान है। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक आदमी एक गावं से गुजर रहा था, तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा, और अचानक से रुक गया, उसने देखा की हाथियों के पैर में एक रस्सी बंधी हुई है, उसे इस बात का बड़ा अचरज हुआ की हाथी जैसे विशालकाय जिव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी बंधे हुए हैं। 

रस्सी इतना पतला था और कमजोड था की हाथी उसे बहुत आसानी से तोड़ सकता था, पर वह हाथी उसी जगह पर खड़ा था, उसे इस बात का बहुत ही आश्चर्य हुआ की हाथी रस्सी तोड़ कर भाग क्यूँ नहीं रहा है। उसने पास खड़े महावत से पूछा की भला ये हाथी किस प्रकार इतनी शांती से खड़े हैं, और भागने का प्रयास क्यूँ नहीं कर रहे हैं। 

तब महावत ने कहा, “ ये हाथियाँ जब छोटी थी तब से ही मैं इन हाथियों को इसी तरह के रस्सी से बांधता था, उस समय इनके पास इतना ताकत नहीं होता था की वे इसे तोड़ पाते थे। 

बार – बार प्रयास करने पर भी रस्सी ना तोड़ पाने के कारन बचपन में उन्हें धीरे – धीरे यह यकींन हो गया की वे रस्सी को कभी नहीं तोड़ पायेंगे, इसलिए आज भी उनको यही लगता है की वे रस्सी को तोड़ नहीं पायेंगे। इसलिए आज भी वे इस कमजोड रस्सी को कभी नहीं तोड़ पायेंगे। 

आदमी को इस बात से बहुत ही सिखने को मिला, उन्होंने यह सोचा की ये ताकतवर जानवर सिर्फ इसलिए अपना रस्सी नहीं तोड़ने की कोसिस करते हैं की क्यूंकि उन्हें खुद पे यकींन नहीं है। 

उसी तरह कई इंसान एक बार असफल होने के बाद यह सोच लेता है की वे दोबारा इस काम में सफल नहीं हो सकता है। पर सच तो ये होता है की इंसान वक़्त के साथ असफल होने के बाद और भी ताकतवर हो जाता है। इसलिए इंसान को कुछ बार अफल हो जाने के बाद कभी भी कोसिस करना नहीं छोड़ना चाहिये।  

बोले हुए शब्द वापस नहीं आते। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया, उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा। 

संत ने किसान से कहा, “ तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो, और उन्हें शहर के बीचो – बिच जाकर रख दो “ किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुँच गया। 

तब संत ने कहा, “अब जाओ और उन पंखो को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ”. 

किसान वापस गया पर तब तक सरे पंक हवा से इधर उधर उड़ चुके थे, और किसान खाली हाथ संत के पास पहुंचा। तब संत ने उससे कहा की ठीक ऐसा ही तुमाहरे द्वारा कहे गए शबदो के साथ होता है, तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हैं पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते हैं। 

इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है। कुछ कड़वा बोलने से पहले ये याद रखे की भला – बुरा कहने के बाद कुछ भी कर के अपने शब्द वापस नहीं लिए जा सकते हैं। हाँ आप उस वयक्ति से जाकर क्षमा जरुर मांग सकते हैं, और मांगनी भी चाहिए। 

पर मानव स्वाभाव कुछ ऐसा होता है। की कुछ भी कर लिजिय इंसान कहीं ना कही कड़वी बाते से उसके दिल को आघात पहुँचता ही है। 

इसलिए हमेसा इस बात को याद रखिये की जब आप किसी इंसान को बुरा कहते हैं तो वह उसे कष्ट पहुंचाने के लिए होता है पर बाद में वो आप ही को अधिक कष्ट देता है। इसलिए खुद को कष्ट देने से क्या लाभ, इससे अच्छा तो है की चुप ही रहा जाए। 

बंदर का कैसे शिकार करें। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक दिन एक आदमी ने अपने बच्चे से पूछा की “ क्या तुम्हें पता है की पुराने जमाने में लोग बंदर का शिकार कैसे करते थे “.

बच्चे ने कहा की ” वे पेड़ पर चढ़ कर, बंदर को तीर से निशाना लगाते होंगे या फिर लोग पेड़ पर चढ़ कर पकड़ते होंगे ”. 

पिता जी ने कहा “ बिलकुल नहीं मेरे बच्चे ”. 

बच्चे ने फिर बड़े ही उत्साह से पूछा की “ फिर कैसे पिता जी लोग बंदर को पकड़ते थे “. 

पिता ने मुस्कुराते हुए कहा “ नहीं बच्चे, उनपे तीर चलाने के बजाय, या पेड़ पर चढ़ कर पकड़ने के बजाय “ वे एक बड़े से जार में जिसकी गर्दन पतली होती थी, और वे उसमे बदर की पसंदीदा खाना को उसमे दाल देते थे “

“ फिर वे उस जार को जमीन पर रख देते थे “ थोड़ी देर बाद बंदर की नजर उस जार पे पड़ती थी, बंदर उस जार से अपने खाने को निकालने के लिए बहुत कोसिस करते, पर वे उस जार से खाना को निकाल नहीं पाते थे ”. 

बंदर बार – बार हाथ दाल कर और जार को हिलाकर खाना निकालने की कोसिस करते रहते, बजाय वे उस जार कोई और तरीके से खाना निकालने की कोसिस करते, और फिर तभी शिकारी आकर उन बंदरो को आकर पकड़ लेते। 

इंसान को बन्दर की तरह नहीं बनना चाहिए, इंसान को यह बात मालुम होना चाहिए की जीवन में मेहनत करते रहने के अलावा कब किस चीज़ को अलग तरीके से करना सीखना चाहिए, तथा यह भी मालुम होना चाहिए के किस काम को कब छोड़ना है और कब आगे बढ़ना है, और कब चीजें को पीछे छोड़ देना चाहिए। 

इसलिए इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की लाइफ में कई बार हम जो चीज़ को चाहते हैं वो नहीं मिल पाता है, तो हमें उस काम को कोई और तरीके से करना चाहिए या फिर हमें उस चीज़ को पीछे छोड़ कर अपने ज़िन्दगी में आगे बढ़ जाना चाहिए। 

पैसे की कीमत।   

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक स्कूल में नए सेशन की शुरुवात हुई थी, एक शिक्षक पहले दिन क्लास में $100 का एक नोट लेकर सभी बच्चों के सामने लेकर आये।

उसने बच्चों से पूछा “ अपने हाथ ऊपर करो जो यह नोट चाहता है “. 

क्लास के सभी बच्चे ने अपने हाथ ऊपर कर लिए, तब शिक्षक ने यह कहा “ मैं इस नोट आपमें से किस बच्चे को देने वाला हूँ, पर मुझे यह चीज़ करने दीजिये। 

उन्होंने उस नोट को अपने हाथ में लेकर दबा दिया और पूछा की अब कौन इस नोट को चाहता है वे अपने हाथ उठाए। 

सारे बच्चे फिर हाथ उठाये, शिक्षक ने नोट को जमीन पर रख कर पैरो से दबा दिए, और पुछा की अब कौन इस नोट को चाहता है। 

क्लास के सारे बच्चे ने अपने हाथ उठाये, शिक्षक ने उस नोट को धुल से गंदा कर दिया और फिर से पूछा की अब भी कौन इस नोट को चाहता है। 

सारे बच्चे ने फिर से हाथ उठाया, तब शिक्षक ने बच्चो को एक लेसन दिया, उन्होंने कहा की बच्चो इस नोट को चाहे मैं मोडू, दबाऊ, या गन्दा कर दूँ तब भी इसका वैल्यू $100 ही रहेगी। 

ऐसा ही हमारे जीवन में यह ही होता है, जब लाइफ हमें गिराए, तकलीफ दे, या हम गरीबी की हालत हो, लेकिन फिर भी आप अपने वैल्यू को ख़त्म मत होने दीजिये। 

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की जिंदगी में कई बार हमारे हालात ठीक नहीं होता है हम गरीब होते हैं, उस वक़्त हम अपने वैल्यू गिरा लेते हैं और अपने पर आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। 

लाइफ में हमें कभी भी अपने वैल्यू नहीं गिरने देना चाहिए। चाहे जिंदगी में हमारे कितनी भी गरीबी और तकलीफ क्यूँ ना हो। आप हमेसा से ख़ास है और अलग हैं।

दो भेड़िये की कहानी। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक बुजुर्ग चेरोकी शेफ अपने पोतों को लेसन सिखाने के लिए बैठ जाते हैं। 

वह अपने बच्चों से कहता है की मेरे अन्दर लड़ाई हो रही है, ये लड़ाई दो भेदियें के बिच लड़ाई हो रही है। 

एक भेड़िया शैतान है, यह पुरे तरह से द्रेश, गुस्सा, सवार्थी और झूठ और लालच से  भरा पड़ा है। दूसरा भेड़िया अच्छा है, यह पूरी तरह शांत, प्यार, खुशियाँ, दयालुता और इमानदारी से भरा पड़ा है। 

और यह लड़ाई तुम लोग के अंदर भी हो रहा होगा बल्कि यह लड़ाई दुनिया के हर इन्सान के अन्दर होता है। 

उनके पोते बहुत ध्यान से यह बात सुन रहे थे, और वे बड़े ही उत्साह से जानना चाहते थे की कौन सा भेड़िया सही है, और कौन सी भेड़िये को जितना चाहिए। 

बूढ़े शेफ ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, जितना तो हमेशा अच्छे वाले भेड़िये को जितना चाहिए पर जीतेगा वही भेड़िये जिस भेड़िये को आप ज्यादा खिलाएंगे। 

इसका मतलब यह की आप अपने दिमाग को और अपने आप को जितना ज्यादा ख़राब माहौल में रखियेगा उतना ज्यादा आप शैतान वाले भेड़िया बन जाओगे। 

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हर किसी इंसान के जीवन में अच्छे और बुरे चीज़ चुनने को मिलती है, यह हम पर निर्भर करता है की हम किस तरह के भेड़िया को खाना देते हैं, अथार्थ जीवन में बुरे चीज़ से दूर रहिये वर्ना आप बुरे वाले भेड़िये ही बनेंगे। 

एक कृतज्ञ स्टारफिश की जीवन। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक सुबह एक आदमी समुन्द्र के किनारे टहल रहे थे, तभी उसने देखा की एक बच्चा हाथ में कुछ लेकर उस पे से बालू हटा कर उसे समुन्द्र में फेक रहा था। 

जब वह बच्चे के नजदीक गया तो उसने देखा की वह बच्चा कुछ स्टारफिश लेकर उसपे से बालू हटाकर स्टारफिश को पानी में फेक रहा था।

वह आदमी उस बच्चे के पास जाता है और बड़े ही घमंड अंदाज से कहता है “ कोई फर्क नहीं पड़ता बच्चे ये जैसे ही किराने पर दोबारा आयेंगे तो सूरज की रौशनी से ऐसे भी मर जायेंगे। 

और ऐसे भी इस जगह पर सैकड़ों बिच है और हजारो की भी ज्यादा संख्या में स्टारफिश है तुम कितने को ही बचा लोगे, इसलिए ये करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

लड़का उसी उत्साह से झुकता है, एक और स्टारफिश को अपने हाथ में लेता है और समुन्दर में वापस दाल देता है।  और फिर उस आदमी से कहता है की सर इसके लिए तो फर्क पड़ता है। 

इसलिए इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की, जिंदगी में शायद आपको कई बार लगे की आप कुछ लोगो की मदद करने से क्या ही फर्क पद जाएगा, पर उसके लिए बहुत ही फर्क पड़ेगा इसलिए कभी किसी इंसान के साथ बुराई मत कीजिये और हमेशा एक ही चीज़ ही क्यूँ न अच्छा करना पड़े आप कीजिये। 

इसलिए हर एक अच्छी चीज़ जो आप करते हैं वो आपके जीवन में मदद करेगी।   

एक मछुआ और एक बिज़नेस मेन। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक दिन एक बिज़नेस मेन एक गावँ में सम्नुद्र के किनारे बैठा हुआ था, वह दिन भर की काम और टेंसन को दूर करने के लिए वह किनारे पर आराम कर रहा था। 

उसने देखा की एक मछुवारा किनारे पर अपनी बोट में मछली को पकड़ कर ला रहा था, उसके पास कुछ ही मछलियाँ थी बल्कि बोट में जगह बहुत खाली थी। 

बिज़नेस मेन ने पूछा की ये मछलियाँ पकड़ने में तुम्हें कितने देर लगती है, मछुवारे ने कहा “ ज्यादा देर नहीं साहब “ 

वह बिज़नेस में बहुत ही सोच में पड़ गया, उसने कहा” तुम और मछलियाँ क्यूँ नहीं पकड़ते बल्कि तुमाहरे पास और समय है और बोट में जगह भी बहुत खाली है।  

मछुवारे ने जवाब दिया “ ये काफी है साहब मेरे और मेरे परिवार का घर चलाने के लिए और यहाँ तक मैं अपने पडोसी को भी दे सकता हूँ “.

बिज़नेस ने पूछा की तो फिर बाकी के दिन करते क्या  हो”.

मछुवारे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, साहब मुझे ये मछलीया पकड़ने के बाद अपने घर जाता हुँ, और अपने बच्चों के साथ खेलता हुँ, फिर दोपहर में आराम कर के सो जाता हुँ, फिर शाम को अपने दोस्तों के साथ घूमने जाता हुँ, रात को शराब पिता हुँ, गाना गाता हुँ, नाचता हुँ और फिर बच्चे और बीवी के साथ सो जाता हुँ।

बिज़नेस मेन ने कहा की तुम ऐसा क्यों नहीं करते की तुम और ज्यादा वक़्त मछली पकड़ने को दो, ताकि तुम और ज्यादा पैसे कमा पाओ।

और अपने व्यापार को और बढ़ा सको, और ज्यादा अमीर बन सको।

मछुवारे ने पूछा की इससे क्या फायदा होगा।

बिज़नेस मेन ने कहा की तब तुम्हाहरे पास और भी ज्यादा ताकत होगी, और तुम राजा की तरह जी सकोगे।

मछुवारे ने फिर पूछा की इससे क्या फायदा होगा साहब।

बिजनेस मैन ने कहा जब तुम रिटायर होंगे तब तुम्हे कोई चिंता नहीं होगी तुम आराम की जिंदगी अपने परिवार और अपने दोस्तों के साथ जी सकोगे।

मछुवारे ने कहा, साहब वो तो मैं ऐसे भी आराम की जिंदगी जी रहा हुँ और यही ज्ञान मैं अपने बच्चों को भी सिखाऊंगा और वे भी आराम की जिंदगी जियेंगे।

तो फिर मुझे आराम की जिंदगी जीने के  लिए इतना ज्यादा मेहनत करने की क्या जरुरत हैँ जब मैं अभी बिना ज्यादा पैसो के आराम की जिंदगी जी सकता हुँ।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती हैँ की हमारे पास जितना कुछ हैँ उतना में जिंदगी खुशी से जीना चाहिए ना की जो चीज़ें नहीं हैँ उसके लिए अफ़सोस करें।

दुनिया की सबसे शांतीप्रिय पेंटिंग। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक बहुत बड़ी आर्ट गैलरी ने एक समारोह की घोसना की, उन्होंने यह घोसना की जो भी पेंटर दुनिया भर से एक ऐसी पेंटिंग बनायेंगे जो सबसे अच्छे तरीके से शांती को दर्साएगी उसे 10 मिलियन डॉलर का इनाम दिया जाएगा। 

ये बात पूरी दुनिया में फ़ैल गयी और हजारो पेंटर ने पूरी दुनिया से उस कॉन्टेक्स्ट में भाग लिया और अपनी – अपनी सबसे बेस्ट शांति को दर्शाने वाले पेंटिंग भेजी। 

उन हजारो पेंटिंग में से जजेस ने फाइनली 100 पेंटिंग को शोर्ट लिस्ट किया, और इन 100 पेंटिंग का एक समारोह लगाया। इस समारोह में सभी पेंटर को इनवाईट किया ही किया और साथ में मीडिया वाले भी बैठे हुए थे। और मीडिया लोगो के साथ हजारो लोग की भीड़ भी जमा थी।  

क्यूंकि इनाम इतना बड़ा था की सब को ये जानने के लिए उत्सुकता थी आज कौन जीतेगा। वो पेंटिंग कैसी होगी और कौन वो भाग्यशाली पेंटर हूगा जो 10 मिलियन डॉलर का अवार्ड जीतेगा। 

और फाइनली वो दिन आ ही गया था, उस समारोह में सारे ही पेंटिंग देखने लायक थी और एक से बढ़कर एक थी उसमे से कुछ पेंटिंग थी जहा पर सबसे ज्यादा भीड़ थी, जैसे एक पेंटिंग थी, जिमसे एक बिलकुल साफ़ पानी की नदी बह रही थी जिसके पीछे कुछ पहाड़ थे, उसके ऊपर से बर्फ जमी हुई थी और पीछे से सूर्य निकल रहा था। 

एक और पेंटिंग थी जहाँ पर पेंटर ने शांती को दर्शाया था एक चांदनी रात के द्वारा यानी एक बिलकुल शांत झील थी, इतना की पूरा आसमान उस पानी में आईने की तरह दिख रहा था। और किनारे पर एक ब्रिज था और असामान में चाँद और तारे चमक रहे थे। 

यानी की सारी ही पेंटिंग ऐसी थी जिक्सो देख कर के मन शांत हो जाए, कॉन्टेक्स्ट बहुत ही टफ था और जजेस के लिए यह बहुत ही मुस्किल था कौन सा पेंटिंग सबसे बेस्ट है। लेकिन आखिर कार उनोहने फैलसा ले लिया और एक पेंटिंग को चुन कर उसे एक बड़े से फ्रेम में रख दिया। 

सारे लोग उत्सुक थे की ये पेंटिंग कैसी दिखती होगी, लेकिन जैसे ही वो पर्दा हटा और सामने से वो पेंटिंग दिखी तो सब हैरान रह गए। क्यूंकि उस पेंटिंग में शांती का कोई प्रतिक नहीं दिख रहा था। 

तब कुछ पेंटर जजेस के पास गए और ये पूछा की सर आपने कही कोई गलत पेटिंग तो नहीं चुन लिया, आर्ट गैलरी वाले मुस्कुराते हुए बोला नहीं ये बिलकुल सही पेंटिंग है। 

तब उन्होंने बोला की ये पेंटिंग की ध्यान से देखिये आपने ये तो देख लिया की इस पेंटिंग में आंधी है तूफ़ान है चारो तरफ सब कुछ तहस नहस हो रहा है आसमान में काले बादल है बिजली चमक रही है पर आपने यह नहीं देखा की इस पेंटिंग में एक झोपडी है और खिड़की के पास एक आदमी खड़ा हुआ है, उस आदमी के चेहरे पे कोई डर नहीं है बल्कि उसके चेहरे पर बिलकुल ठहराव है, एक शुकून है और यही है शांती का असली मतलब। 

इस कहानी से हमे यह शांत मिलती है की हमारे जीवन में बाहर चाहे कितना भी हलचल और परेशानिया है और हम अंदर से शांत है तो यही है शांती का असली मतलब ना की हमारे बाहर सब कुछ शांत है तो ही हम शांत रहते हैं, इसलिय हमें अन्दर मन से शांत रहना चाहिए। 

अपने आप से प्यार करना सीखो। 

Top 10 Moral Stories In Hindi

एक बार की बात है एक छोटे से गाँव में एक आदमी रहता था, उसके घर के पास एक पहाड़ था, जहाँ पर वो रोज सुबह जाता उस पहाड़ पर वो थोड़ी देर के लिए बैठता और फिर वापस आ जाता, तो एक दिन वो रोज की तरह सुबह – सुबह जा रहा है, पीछे से उसका छोटा सा बीटा आया और उसका हाथ पकड़ लिया और कहा की आज मैं भी आपके साथ चलूँगा। 

उसने पहले तो उसे मना किया और समझाया और कहा की जो रास्ता है वह बहुत छोटा है और चढाई बहुत ज्यादा है, तो तुम शायद मेरे साथ नहीं चल पाओगे, लेकिन फिर बेटे ने जब जिद्द करी तो पिता मान गया।

फिर दोनों पहाड़ पर चहड़ने लगे, पिता ने बेटे का हाथ कास कर पकड़ा हुआ था। बाई और पहाड़ थी और दाई और खाई थी और रास्ता बहुत ही छोटा था। और पहाड़ की चोटी पर पहुँचने वाले ही थे तभी रास्ते में एक बड़ा सा पथर  आया। 

क्यूंकि पिता वहां पर रोजा अत था तो उसको पता था की वहां पर एक बड़ा सा पथर है तो वो साइड से निकल गया। लेकिन उसका बीटा था उसका ध्यान कहीं और था तो उसका घुटना उस बड़े से पत्थर से जा के टकरा गया। 

तो फिर उस बच्चे के मुख से चीख निलकी अहा आ, जैसे ही वो चीखा उसकी आवाज उन पहाड़ों में गूंजने लगी इससे पहले बच्चे ने अपनी आवाज की गूंज कभी नहीं सुनी थी। तो उसे समझ में नहीं याय की यह क्या हो रहा है। वो अंदर से थोडा घड़बड़ा गया। 

उसको लगा की शायद कोई है जो उसको छुप कर कहीं से देख रहा है, और उसका मजाक उड़ा रहा है। फिर उस बच्चे ने बोला कौन हो तुम ? तो बच्चे ने दोबारा वही आवाज सुना। बच्चे को गुस्सा आ गया और उसने गुस्से में कहा की मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं। और फिर जैसे ही उसने यह गूंज वापस से सुना वह घडबड़ा गया। 

उसके पिता समझ गए की क्या हो रहा है। बच्चे ने अपने पिता का हाथ कास कर पकड़ लिया और पूछा की कौन है ये जो मुझे इतना तंग कर रहा है और डरा रहा है। 

पिता ने मुस्कुराते हुए चिला कर कहा मैं तुम से बहुत प्यार करता हूँ यह सुनकर बच्चा हैरान हो गया अभी ये इंसान मुझे मजाक उड़ा रहा था और अब ये बोल रहा ही की मैं तुमसे प्यार करता हूँ और फिर चिल्ला कर कहा तुम बहुत अच्छे हो।

फिर उसके पिता ने समझाया की ये जो आवाज जो तुम सुन रहे हो न ये आवाज कीसी और की नहीं बल्कि ये तुमाहरी ही आवाज है, जो पहाडो में गूंज रही है। 

इसलिए अगर तुम गुस्से में बोलोगे तो ये पहाड़ भी बुस्से में बोलेगा और प्यार से बोलेगे तो ये पहाड़ भी प्यार से बोलेगा। ऐसे ही तुम अपने जिंदगी के बारे में जिस तरह सोचते हो और बोलते हो ये जिंदगी भीतुमाहरी लिए वैसे ही हो जाती है। 

इसलिए इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है अगर आप मन ही मन ये बोलते रहोगे की ये जिंदगी तो मेरे लिए बहुत बुरी है तो तुम्हारी जिन्दी सच मुच बुरी हो जायेगी। और अगर तुम अपनी जिंदगी से प्यार करो तो ये जिंदगी भी तुमसे प्यार करेगी। 

निष्कर्ष:

दोस्तों ये top 10 moral stories in hindi में सबसे ज्यादा कौन सी story आपको पसंद आया है हमें जरुर बताये, और आपके पास भी आगर कोई कहानी है तो हमें कमेंट कर के जरुर बताये, और ये आर्टिकल अगर आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर करें। 

इसे भी पढ़े –

Top 30 Real life Inspirational Stories in Hindi – Lok Hindi

Best Hindi Movies | Top 10 Hindi Movies

Leave a Comment